श्री सिद्ध भैरवी चक्र पूजा अनुष्ठान – पांच दिवसीय पूजा अनुष्ठान !

समस्त साधनाओं के लिए निःशुल्क साधना पूर्व प्रशिक्षण शिविर के पंजिकरण को आम जनमानस के लिए खोल दिया गया है, अब आप निःशुल्क साधना पूर्व प्रशिक्षण हेतु पंजिकरण कर सकते हैं ! कोरोना संक्रमण से देश को राहत मिलते ही पंजिकृत साधकों को आमन्त्रित कर लिया जाएगा ! समस्त दीक्षा/साधना/अनुष्ठान एवं साधनापूर्व प्रशिक्षण की त्वरित जानकारियों हेतु हमारी मोबाईल ऐप इंस्टाल करें ! मोबाईल ऐप इंस्टाल करने हेतु क्लिक करें ! या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः । माँ भगवती आप सब के जीवन को अनन्त खुशियों से परिपूर्ण करें ।

इस पूजा अनुष्ठान के लाभ :- “साधना” की अपेक्षा “अनुष्ठान” सम्पन्न करना अत्यन्त सरल होता है, जिसे कोई भी व्यक्ति किसी विशेष योग्यता के बिना ही सम्पन्न कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है ! साधना हेतु साधनाकाल में आसन, एकाग्रता व ब्रह्मचर्य आदि को स्थिर रखने की प्राथमिक आवश्यकता होती है जिस कारण साधना को प्रत्येक व्यक्ति आसानी से सम्पन्न नहीं कर पाता है ! इसके साथ ही जहां अनेक बार साधना सम्पन्न करने पर भी सफलता नहीं मिल पाती है वहीँ विधिवत् किया गया अनुष्ठान एक बार में ही सफल हो जाता है और साधक अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है !

श्री सिद्ध भैरवी चक्र की पूजा अनुष्ठान को विधिवत् संपन्न करके सिद्ध भैरवी चक्र के रहस्य को जान लेने वाला साधक इस अनुष्ठान के परिणाम स्वरूप अपने जीवन व इस सृष्टि के समस्त रहस्यों को जान लेता है ! ऐसा साधक अपने जीवन में समस्त गुह्य विद्याओं, गुह्य तन्त्र, अर्थ, काम, धन, धान्य, यश, कीर्ति, ऐश्वर्य, विद्या सहित समस्त भौतिक सुख, सौभाग्य, यश, समृद्धि व सर्वैश्वर्यों को भोगते हुए सर्वोत्तम जीवन जीता है !

यह श्री सिद्ध भैरवी चक्र पूजा अनुष्ठान इस अनुष्ठान के नियमों एवं विधान के अनुसार निष्ठापूर्वक विधिवत् सम्पन्न किए जाने पर अनुष्ठान के प्रथम दिवस से ही शक्ति का आभास होना प्रारम्भ हो जाता है ! यह अनुष्ठान पूर्ण सम्पन्न होने तक अनुष्ठानकाल में अनुष्ठान के सभी नियमों का पालन करने वाले साधकों की कुण्डलिनी शक्ति व साधकों के सभी सोलह शक्तिकेन्द्र जागृत होने प्रारम्भ हो जाते हैं, तथा यह अनुष्ठान पूर्ण सम्पन्न होने तक सिद्ध भैरवी चक्र की अधिष्ठात्री शक्तियों के अत्यन्त सुन्दर व मनोहर अनुभव होते हैं !

इस अनुष्ठान की तिथी, समय, व्यय एवं पंजिकरण सम्बन्धी जानकारी हमारी मोबाईल ऐप पर उपलब्ध है ।


श्री ज्योतिर्मणि पीठ पर अनुष्ठान हेतु “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर स्थान दिया जाता है, तथा निर्धारित संख्या पूर्ण होते ही नवीन पंजिकरण बंद कर दिए जाते हैं !
श्री ज्योतिर्मणि पीठ द्वारा महिलाओं को दीक्षा/साधना प्रदान नहीं की जाती है, यह हमारा व्यक्तिगत विषय है, अतः इस पर कोई प्रश्न न करें ।