।। प्रत्यक्ष अप्सरा साधना सत्र के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 12/08/2025 है, तथा इस साधना हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 05/08/2025 है !।। ।। इस पृष्ठ पर लिखी गई साधना पद्धति में यज्ञ विधान अनिवार्य होने के कारण यज्ञ में प्रयुक्त होने वाली सामग्री हेतु साधक द्वारा धन का व्यय किया जाता है, इसलिए यह सःशुल्क साधना है !।। यह प्रत्यक्षिकरण साधना थोड़ी कठिन होती है, इस…
अधिक पढ़ें।। सामान्य यक्षिणी साधना सत्र के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 10/07/2025 है, तथा इस साधना हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 03/07/2025 है !।। ।। इस पृष्ठ पर लिखी गई साधना पद्धति में यज्ञ विधान अनिवार्य होने के कारण यज्ञ में प्रयुक्त होने वाली सामग्री हेतु साधक द्वारा धन का व्यय किया जाता है, इसलिए यह सःशुल्क साधना है !।। यह साधना अत्यन्त ही सरल पुर्णतः सात्विक व…
अधिक पढ़ें।। शक्तिपात द्वारा अष्ट यक्षिणी साधना सत्र के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 18/07/2025 है, तथा इस साधना हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 10/07/2025 है !।। ।। इस पृष्ठ पर लिखी गई साधना पद्धति में यज्ञ विधान अनिवार्य होने के कारण यज्ञ में प्रयुक्त होने वाली सामग्री हेतु साधक द्वारा धन का व्यय किया जाता है, इसलिए यह सःशुल्क साधना है !।। इस साधना का विशेष लाभ :-…
अधिक पढ़ें।। प्रत्यक्ष अष्ट यक्षिणी साधना सत्र के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 10/07/2025 है, तथा इस साधना हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 03/07/2025 है !।। ।। इस पृष्ठ पर लिखी गई साधना पद्धति में यज्ञ विधान अनिवार्य होने के कारण यज्ञ में प्रयुक्त होने वाली सामग्री हेतु साधक द्वारा धन का व्यय किया जाता है, इसलिए यह सःशुल्क साधना है !।। यह प्रत्यक्षिकरण साधना थोड़ी कठिन होती है,…
अधिक पढ़ें।। श्रीविद्या पूर्णाभिषेक दीक्षा के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 07/10/2021 है, तथा इस दीक्षा हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 29/09/2021 है !।। श्री ज्योतिर्मणि पीठ द्वारा मूलतः श्री ह्यग्रीव सम्प्रदाय की “हादी विद्या” “देव्यौध कपिलनाथी परम्परा” (प्रणाली का दुरूपयोग होने से रोकने के लिए यहां सिद्धौध को स्पष्ट नहीं किया जा रहा है) की “रूद्र” परम्परा के श्रीकुल में पूर्णाभिषेक, मन्त्राभिषेक, औषधाभिषेक व शक्त्याभिषेक संस्कार द्वारा दक्षिणाचार,…
अधिक पढ़ें।। वाग्देवी दीक्षा के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी बसन्त पंचमी के स्वयंसिद्ध योग में दिनांक 23/01/2026 है, तथा इस दीक्षा हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 15/01/2026 है !।। इस साधना के लाभ :- यह साधना विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण साधना होती है, इस साधना के प्रभाव से व्यक्ति में सभी विषयों में नवीन सम्भावनाओं को खोजने, की क्षमता का विकास होता है । इस…
अधिक पढ़ें।। गन्धर्व दीक्षा के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 12/08/2025 है, तथा इस दीक्षा हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 05/08/2025 है !।। यह साधना अत्यन्त ही सरल पुर्णतः सात्विक व सुरक्षित साधना होती है जिसे समयाचार पद्धति से पीठार्चन विधि में कोई भी साधक सक्षम गुरु से विधिवत दीक्षा लेकर गुरु के निर्देशानुसार अपने गृह क्षेत्र में आसानी से संपन्न कर सकता है, इस साधना के सिद्ध हो…
अधिक पढ़ें।। अप्सरा दीक्षा के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 12/08/2025 है, तथा इस दीक्षा हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 05/08/2025 है !।। यह साधना अत्यन्त ही सरल पुर्णतः सात्विक व सुरक्षित साधना होती है जिसे समयाचार पद्धति से पीठार्चन विधि में कोई भी साधक सक्षम गुरु से विधिवत दीक्षा लेकर गुरु के निर्देशानुसार अपने गृह क्षेत्र में आसानी से संपन्न कर सकता है, इस साधना के सिद्ध हो…
अधिक पढ़ें।। यक्षिणी दीक्षा के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 10/07/2025 है, तथा इस दीक्षा हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 03/07/2025 है !।। यह साधना अत्यन्त ही सरल पुर्णतः सात्विक व सुरक्षित साधना होती है जिसे समयाचार पद्धति से पीठार्चन विधि में कोई भी साधक सक्षम गुरु से विधिवत दीक्षा लेकर गुरु के निर्देशानुसार अपने गृह क्षेत्र में आसानी से संपन्न कर सकता है, इस साधना के सिद्ध हो…
अधिक पढ़ें।। श्री त्रिपुरभैरवी महाविद्या दीक्षा के प्रारम्भ होने की आगामी तिथी दिनांक 23/01/2026 है, तथा इस दीक्षा हेतु पन्जिकरण करने कि अन्तिम तिथी दिनांक 17/01/2026 है !।। इस साधना के लाभ :- श्री त्रिपुरभैरवी महाविद्या की साधना को संपन्न करने से इस साधना के परिणाम स्वरूप साधक अपने जीवन में समस्त गुह्य विद्याओं, गुह्य तन्त्र, अर्थ व काम आदि समस्त भौतिक सर्वैश्वर्यों को भोगते हुए उत्तम जीवन जीता है ! प्रारम्भिक…
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