कृपया सन्देश भेजने से पूर्व ध्यान दें :- निम्नलिखित परिस्थितियों में हम आपके सन्देश का उत्तर नहीं दे सकेंगे !
- यदि आपने राष्ट्रभाषा हिन्दी व देवनागरी लिपि के अतिरिक्त अन्य भाषा या लिपि में सन्देश लिखा है !
- यदि आप किसी साधना की विधि को प्राप्त करना चाहते हों (क्योंकि साधना विधान गोपनीय होता है जिसे केवल दीक्षा लेने वाले व्यक्ति को दीक्षा लेने के समय पर ही बताया जा सकता है !) !
- यदि आप साधनात्मक मार्गदर्शन/निर्देशन लेना या साधनात्मक विचार-विमर्श करना चाहते हों (क्योंकि साधनात्मक मार्गदर्शन/निर्देशन व साधनात्मक विचार-विमर्श के लिए आपको स्वयं उपस्थित होकर समझना होता है !) !
- यदि आप सन्देश भेजने के बाद उत्तर की प्रतीक्षा किए बिना बार-बार सन्देश भेज रहे हैं !
- यदि आपके द्वारा सन्देश को संक्षिप्त शब्दों में स्पष्ट नहीं लिखा गया है, जिसमें आपका अभिप्राय स्पष्ट न समझा जा सके !
कृपया हमें सन्देश भेजने से पूर्व अपने प्रश्नों व जानकारियों के लिए हमारी वेबसाईट के प्रश्नोत्तर सहायता का अवलोकन अवश्य करें ! क्योंकि प्रश्नोत्तर सहायता में लिखे गए प्रश्न व उनके उत्तर आपको पुनः ईमेल/फोन/सन्देश द्वारा नहीं दिए जा सकेंगे !
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श्री ज्योतिर्मणि पीठ
(मणिकूट वाले बाबा जी की कुटिया)
पोस्ट- नीलकंठ महादेव, जिला- पौड़ी गढ़वाल
उत्तराखण्ड, पिनकोड- 249304 (भारत)
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